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Wednesday, 17 December 2014

तब 26-11 थी अब 16-12 है...
तब हमारी धरती थी, अब तुम्हारी धरती है...
तब हम निशाने पे थे, अब तुम निशाने पे हो...
इंसानियत तब भी मरी थी, इंसानियत तब भी मारी गयी...
फ़र्क़ बस इतना है कि,
हथियार तब भी तुम्हारे थे, हथियार अब भी तुम्हारे हैं...
हम तब भी रोए थे, हम अब भी रोए हैं ।।

Strongly condemn the #PeshawarAttacks #HumanitySuffers
#Inspired

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