औरों की सुबह तो सूरज चढ़ने से होती है.....
मेरा दिन तो उसकी आवाज़ सुनने से शुरू होता है....
Kuch Alfaazz
कुछ दिल के एहसास... कुछ अपने अल्फ़ाज़...
Tuesday, 10 February 2015
Wednesday, 28 January 2015
Thursday, 22 January 2015
Saturday, 17 January 2015
न जाने कैसा है ये सफ़र....
बेचैन सा बस रहता हूँ....
तुमसे जो मिली है नज़र....
बिन तेरे खोया खोया सा रहता हूँ....
तुमको भी कुछ ऐसा एहसास होता है क्या....
कि होता हूँ तुमसे दूर लेकिन दिल तुम्हारे पास होता है....
कर तू भी कुछ कोशिश इतनी....
मिल गए हैं दिल....मिल जाएं हम भी दोनों एक दुसरे से....
सफ़र है बहुत लंबा....है मुश्किलों भरा....
चलो करते हैं मिलके इस तय....
ऐसी हो अपनी दास्ताँ की लोग भी वाह वाह कर उठे अपने प्यार पे....
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