Pages

Tuesday, 10 February 2015

औरों की सुबह तो सूरज चढ़ने से होती है.....
मेरा दिन तो उसकी आवाज़ सुनने से शुरू होता है....

होता हूँ जब तनहा.. तो बिता लेता हूँ तेरी यादों के साथ....

होता हूँ जब बेचैन.. तो जे लेता हूँ तेरे लिए लिखी गयी बातों के साथ....

न जाने कैसी कशिश है उन लम्हों में.. लगती हैं तब प्यारी अपनी बातें भी....

खुश हो जाता हूँ वो सब याद कर के.. जो बिता लेता हूँ कुछ लम्हे तुम्हारी बातों के साथ....

Wednesday, 28 January 2015

बैठे हैं चौराहे पे सनम की राह देखते हुए.... बरसों बीत गये उनके इंतज़ार में.......

न वो आया न उनका पैग़ाम आया.....
करते हुए इंतज़ार, इन आखों में बड़ा सैलाब आया.....

Thursday, 22 January 2015

एक खाहिश है हमारी...की तुम रहो साथ हमेशा...
डाल हाथों में हाथ करे हम तय करे ये लंबा सफ़र...
न हो दिलों में दूरियाँ कभी... न हमारे बीच फासले....
ऐसी हो हमारी दास्तान...कि जिसे लोग भी सालों तक याद करें....

Saturday, 17 January 2015

न जाने कैसा है ये सफ़र....
बेचैन सा बस रहता हूँ....
तुमसे जो मिली है नज़र....
बिन तेरे खोया खोया सा रहता हूँ....
तुमको भी कुछ ऐसा एहसास होता है क्या....
कि होता हूँ तुमसे दूर लेकिन दिल तुम्हारे पास होता है....
कर तू भी कुछ कोशिश इतनी....
मिल गए हैं दिल....मिल जाएं हम भी दोनों एक दुसरे से....
सफ़र है बहुत लंबा....है मुश्किलों भरा....
चलो करते हैं मिलके इस तय....
ऐसी हो अपनी दास्ताँ की लोग भी वाह वाह कर उठे अपने प्यार पे....

यह तो बस हमारा प्यार जताने का एक नादान सा अंदाज़ था....
न जाने उन्हें क्यों बुरा लग गया....
उनका दिल दुखाने की तो हमारा कोई मन ना था....
खाहिश है दिल की एक, वो गुस्सा ना हों....
अपनों का ठेस पहुंचे ये हमारी फितरत में नहीं....

Sunday, 11 January 2015

कभी देखते आँखों में मेरी तो कसम खुदा की....
न खोजना पड़ता तुम्हे सारी दुनिया को....
मिल जाती मोहब्बत तुम्हे पहली नज़र में....
एक बार तो गौर से खोजा होता मेरी आँखों में....